Student life essay in hindi

Student life essay | Student life essay in hindi

Introduction-Student life essay

अपने छात्र जीवन को कौन‌ नहीं याद करना चाहता,यह एक ऐसा दौर रहता हैं जिसे पूरी जिंदगी में कभी भूलाया नहीं जा सकता। वो दोस्तों के साथ गप्पे मारना, क्लास को बंक करना, स्कूल की मस्तियां कितनी सुंदर यादें संजो कर रखती हैं

यह छात्र जीवन। छात्र जीवन 5 वर्ष की आयु से शुरू होकर कमाने की उम्र में पूर्ण रूप से सम्पन्न होता है। शिक्षा को प्राप्त करने वाले जीवन को छात्र जीवन कहते हैं। एक विद्यार्थी का जीवन बहुत हीं  कठिन परिस्थितियों से होकर गुजरता है। छात्र जीवन व्यक्ति की जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक होता हैं। यह अवस्था हीं व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था मानी जाती है।

छात्र जीवन की यादें

छात्र जीवन हमें अनुशासन और शिक्षा के नये-नये आयामों को सिखाता है। इन सबके बावजूद भी छात्र जीवन सबसे सुखद और संघर्ष से परिपूर्ण वाला होता है। स्कूल या कॉलेज के लिए तैयार होने के लिए सुबह जल्दी उठना पड़ता हैं। कई स्टूडेंट्स ऐसे होते थे जिन्हें स्कूल जाने के लिए बस को पकड़ना होता है और उनके लिए स्टॉप तक दौड़ना भी अपने आप में बहुत रोमांचक होता है।

छात्रों की मां भी उन्हें रोजाना याद दिलाती हैं कि सुबह जल्दी करो और देर न करो। इसके अलावा छात्र जीवन में अन्य रोमांचक क्षण होते हैं। हम कभी अपना होमवर्क करना भूल जाते हैं और फिर टीचर के पूछने पर कापी खोजने का नाटक करते हैं। जैसे-जैसे परीक्षा का टाइम पास में आता है, मस्ती थोड़ी कुछ देर के लिए रुक जाती है,पर‌ ज्यादा देर के लिए नहीं।

सबसे यादगार लम्हे

विद्यार्थी जीवन के बारे में सबसे यादगार चीजों में से एक है अपने दोस्तों के साथ पिकनिक पर जाना। छात्र जीवन का सार छोटी-छोटी बातों में निहित है,जैसे अपने दोस्तों के रिजल्ट के अंकों को जाननें के बारे में उत्साही होना, अधिक अंक प्राप्त करने पर जलन करना आदि। खेल के लिए उत्साह या एक नए शिक्षक के बारे में जानना। छात्र जीवन जहां हमें अनुशासन सिखलाता है, वहीं यह हमें बहुत हीं आनंद भी देता है। यह हर किसी के जीवन का सबसे यादगार समय होता है।

वर्तमान में छात्र जीवन

वर्तमान में छात्र जीवन पहले के शानदार छात्र जीवन से पूर्ण तरह से अलग है। छात्रों के पढ़ने के लिए अब विशेष शैक्षणिक इंस्टीट्यूट और होस्टल स्थापित किए जा रहे हैं।

पढ़ाने के लिए टीचरों को काम पर रखा जा रहा है। पुराने समय में गुरूकुल हुआ करते थे वहीं बच्चों की शिक्षा होती थीं। अभी के पाठ्यक्रम में पुराने समय की तुलना में काफी अधिक परिवर्तन है।विद्यार्थी जीवन उम्र के पड़ाव से भी से मुक्त नहीं है।

विद्यार्थी जीवन में आज भी बहुत कुछ कमियाँ हैं, अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत और उसके प्रति समर्पण धीरे-धीरे अब कम हो रहे हैं। पढ़ने के लिए दृढ़ निश्चय, एकाग्रता और रुचि की कमी बहुत हीं स्पष्ट है, जो कि शिक्षा छात्रों को आलसी बनने के लिए प्रेरित करती है। जनसंख्या में विस्फोट, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और रोजगार की मांग के कारण छात्र जीवन निराशा की स्थिति में है।

छात्र जीवन का राजनीतिकरण

छात्र जीवन के साथ राजनीति को जोड़ना आधुनिक युग में एक सामान्य सी घटना हो रहीं है, यह छात्र जीवन के बिल्कुल विपरीत है। महाविद्यालय लेवल पर छात्र पालिटिकल साइंस का अध्ययन करते हैं, लेकिन प्रत्यक्ष राजनीति में भागीदारी को अपरिहार्य समझते है। आधुनिकता के इस समाज में राजनीतिक आंदोलनों और राजनीतिज्ञों द्वारा अपने हथियार के रूप में छात्रों के होने को छात्र जीवन के सिलेबस में बदल दिया है।

विद्यार्थी जीवन का महत्व

किसी ने बिल्कुल सही ही कहा है कि अनुशासन सफलता की एक कुंजी है। अनुशासन मनुष्य के व्यक्तित्व के विकास के लिए बहुत आवश्यक है। छात्र जीवन हीं मनुष्य को अनुशासन सिखलाता हैं। यदि किसी व्यक्ति के भीतर अनुशासनहीनता होती हैं तो वह खूद के लिए कठिनाइयाँ  हीं उत्पन्न करता है।

शरीर के सर्वांगीण विकास हेतु छात्र जीवन आवश्यक हैं, क्योंकि इसी जीवन में वह खेलकूद के माध्यम से शारिरिक विकास को प्राथमिकता देता हैं। पढ़ाई के लिए मानसिक विकास भी छात्र जीवन से हीं शुरू होता हैं। लगभग हम यह कह सकते हैं कि छात्र का जीवन हीं उसके भविष्य की नींव को रखता हैं।

उपसंहार….

इस प्रकार विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति की जिंदगी का सबसे महत्त्वपूर्ण काल होता है। इसी समय पर व्यक्ति का संपूर्ण भविष्य निर्भर करता है। छात्र जीवन का का अच्छे से उपयोग करने वाले विद्यार्थी अपने बाकि जीवन को भी आरामदायक और सुखी बना सकते हैं। छात्र जीवन में ही व्यक्ति के चरित्र की नींव हों जाती है । अत: इस जीवन में बहुत हीं सोच-समझकर कदम उठाने की आवश्यकता होती है।

Leave a Comment