Save water in hindi

Save water in hindi | Save water

Introduction

आखिर क्यों पानी बचाना हमारे लिए आवश्यक है।

प्रत्येक परिवार को पानी उपलब्ध कराना एक ऐसा दायित्व है। जिससे कोई सरकार भाग नहीं सकती पानी जीवन के लिए अमृत के समान है। और इसे एक उपयोगी वस्तु माना जाता है जिस पर सबका अधिकार है। भले ही कोई इसके लिए भुगतान करने की क्षमता रखता हो या नहीं क्योंकि यह जीवन के लिए अनिवार्य है।

जल प्रकृति में पाए जाना वाला एक संसाधन है जिसके बिना जीवन संभव नही हैं। इसलिए इसका समुचित दोहन और उपयोग आवश्यक हैं।

मानव एक बुद्धिमान और प्रगतिशील जीव है आज वो विज्ञान , तकनीक, अंतरिक्ष सब दिशा में बेहतर प्रगति कर रहा हैं और जल  जैसे अमूल्य तत्व का विनाश कर रहा हैं। वास्तविकता में देखा जाए तो जल का विनाश ही जीवन का विनाश हैं।

जल के महत्व का बखान करने की आवश्यकता तो वैसे नही होनी चाहिए क्योंकि यह एक ऐसा तत्व है जिसके बिना जीवन ही संभव नहीं हैं।

ऐसे में इस पर बात करना बेहतर होगा की जल को रक्षा कौन करें। और हम स्वयं अगर जल की रक्षा करना चाहे तो कैसे करे। और सरकार जल रक्षा के लिए क्या कर रही है।

जल की रक्षा कौन करें

आपने कही बार शहरी और ग्रामीण दोनो क्षेत्रों में लोगो को पानी के लिए कतार में लगते हुए देखा ही होगा। यह कतार ऐसा नही की सिर्फ गांवों और छोटे शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित होती है। दिल्ली , मुंबई, चैन्नई जैसे महानगरों में यह समस्या और अधिक विकराल हैं। वैसे तो हर जगह सरकार यह प्रयास करती है की सभी लोगों तक पानी पहुंचे। और इसके लिए कही नीतियां भी बनाती हैं।

लेकिन वह नीतियां कुछ प्रतिशत तक ही काम करती है

क्योंकि उन्हे पूरी सकती से लागू करने की इच्छा शक्ति ना शासन में है न शासन के लोगों में और ना ही देश की समस्त जनता हैं। इसमें वो जनता तो शामिल है ही सही जो जल संकट का सामना नही करती। और कुछ प्रतिशत तक वो जनता भी शामिल हैं। जो जल संकट से जूझ रही हैं। ऐसे में इस प्रश्न का उत्तर यही हो जल की रक्षा किसी एक व्यक्ति विशेष या संस्था विशेष का कार्य नहीं हैं बल्कि ये सम्पूर्ण मानव जाति का कार्य हैं। इसके लिए आम जनता भी प्रयास करे और शासन प्रशासन भी प्रयास करें।

जल की रक्षा कैसे करें

नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक देश की 60% जनता जल संकट का सामना करेगी। यानी देश की 1 अरब जनसंख्या के पास जल की समस्या होगी । और न जाने कितनी नई बीमारियां जन्म लेगी और एक आम आदमी अपनी कमाई का अधिकतम हिस्सा अस्पतालों में भर देगा।

और आम आदमी का जीवन स्तर और अधिक गिरेगा। प्रत्येक व्यक्ति पर दबाव बनेगा और सरकार पर भी दबाव बनेगा। और ये वर्तमान में भी हो रहा हैं। और हम स्वयं इससे कहा अछूते हैं।  इसलिए स्वयं के द्वारा जितना हो सके उतना प्रयास करें। और हम यह कार्य स्वयं से शुरू करें ।

और उन्ही कार्यों को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ये कथन कहा था।

 जो बदलाव आप दुनिया में देखना चाहते हैं उसकी शुरुआत आप स्वयं से करें।

किए जाने वाले प्रयास

1. भूजल (भूमि के अंदर का जल) के दुरुपयोग को रोके।

2. और वर्षा जल का संरक्षण करे।

3. कृषि में ऐसे सिंचाई साधन अपनाए जो जल का अपव्यय काम करते हो। इससे बचे जल से आप और अधिक फसल उत्पादित कर सकते है। गर्मी के मौसम में भी।

4.स्वयं जागृत हो फिर परिवार और समुदाय को जाग्रत करे।

 शासन द्वारा जल रक्षा हेतु किए गए प्रयास

अटल भूजल योजना- यह भारत सरकार की द्वारा भूजल की रक्षा हेतु बनाई गई नीति हैं।

भारत दुनिया में भूजल का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता देश है यह दुनिया में उपलब्ध कुल भूजल संसाधनों के एक चौथाई से भी अधिक का उपयोग किया जाता है। भूजल ने देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जल है तो भोजन है।

जल जीवन मिशन

15 अगस्त 2020 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने लाल किले की प्राचीर से इस योजना को आरंभ आरंभ किया था। इस योजना के तहत सरकार प्रतिदिन 100000 घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य साध रही है।

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