National symbols of india in hindi

National symbols of india in hindi | National symbols of india

Introduction to National symbols of india in hindi

हमारे देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में जानें

हम भारत में रहते हैं तो यहाँ के निवासी होने पर गर्व करते हैं। हमारे भारत की धरोहर और संस्कृति सभी देशों से बिल्कुल अलग हैं। विविधता में एकता यहां का मूलभूत सिद्धांत हैं। प्रत्येक देश के अपने अपने national symbol होते हैं,जो उस देश की गौरव गाथा को गाते हैं। दोस्तों आज हमारी इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएंगे कि हमारे देश के राष्ट्रीय चिन्ह क्या हैं।

राष्ट्रगान – जन गण मन

हमारा राष्ट्रीय गान जन गण मन हैं। जिसे रविन्द्र नाथ टैगौर द्वारा लिखा गया था। पहले यह बंगाली भाषा में था जिसे बाद में हिन्दी भाषा में रूपांतरित किया गया। जन गण मन को राष्ट्र गान के रूप में 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था। राष्ट्रगान की अवधि 52 सेकण्ड होती हैं। इसे सावधान की स्थिति में खड़े रहकर गाया जाता हैं।

राष्ट्रीय ध्वज – तिरंगा

हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हैं। तीन रंगों से रंगा यह तिरंगा, तिरंगे के बीचों बीच श्वेत पट्टिका में 24 तिलियो वाला अशोक चक्र स्थित हैं। हमारे राष्ट्रीय ध्वज की चौड़ाई एवं लम्बाई का अनुपात 3:2 हैं। 15 अगस्त 1947 को तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया था।

राष्ट्रीय गीत – वन्दे मातरम्

हमारे देश का राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम हैं। यह बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना आनंदमठ से लिया गया हैं। 26 जनवरी 1950 को वन्दे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया था। हमारे संविधान में राष्ट्रीय गीत का उल्लेख नहीं हैं, परंतु यह हमारे राष्ट्र गान से भी कम नहीं हैं।

राष्ट्रीय चिह्न – अशोक स्तंभ

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ हैं जो सम्राट अशोक की राजधानी सारनाथ से लिया गया हैं। अशोक स्तंभ के नीचे सत्यमेव जयते लिखा होता है। अशोक स्तंभ में चार शेर,एक घोड़ा,बैल और हाथी अंकित हैं। 26 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया था।

राष्ट्रीय पक्षी – मोर (peacock)

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर हैं।इसका वैज्ञानिक नाम पावो क्रिस्टेटस हैं। भारत में दिनों दिन मोर की प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर हैं। मोर को राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत पूरी तरह से संरक्षण प्रणाली में डाला गया हैं।

राष्ट्रीय पशु – बाघ

भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ हैं। इसका वैज्ञानिक नाम पैंथेरा ट्रिग्रिस हैं। बाघों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होने के कारण भारत सरकार ने उनके बचाव हेतु 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर अभियान शुरू किया था। जिसका उद्देश्य भारत में कम होते बाघों की संख्या को बचाना था।

राष्ट्रीय फूल – कमल

कमल के फूल को भारत में राष्ट्रीय फूल का दर्जा प्राप्त है। कमल के फूल का वैज्ञानिक नाम नील्यूम्बो न्यूसीफेरा है। कमल का फूल उर्वरता, ज्ञान, आत्मसम्मान,लंबी आयु और सौंदर्य को दर्शाता हैं। इसका प्रयोग हमारे यहां धार्मिक कार्यक्रमों आदि के लिये भी किया जाता है।

राष्ट्रीय खेल – हाॅकी (Hockey)

अक्सर हमारे देश में क्रिकेट ज्यादा खेला जाता हैं, पर क्या आपको पता हैं हमारे देश का राष्ट्रीय खेल हॉकी हैं। हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा तब प्राप्त हुआ था, जब भारत ने ओलिंपिक में लगातार 6 गोल्ड मेडल जीते थे। तभी से ओलंपिक हाकी में भारत का दबदबा हैं।

राष्ट्रीय नदी – गंगा (Ganga)

भारत की गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी का दर्जा प्राप्त हैं। यह पवित्र नदी मानी जाती हैं, जो 2510 किलोमीटर लम्बी नदी हैं‌। प्राचीन समय से ही सनातन धर्म में गंगा नदी का बहुत धार्मिक महत्व रहा है। इसके पवित्र जल अर्थार्त गंगाजल को कई शुभ अवसरों पर इस्तेमाल किया जाता है। गंगा नदी का जल कभी खराब नहीं होता हैं।

राष्ट्रभाषा – हिन्दी

भारत में विभिन्न प्रांतों में विभिन्न भाषा को बोलने वाले लोग रहते हैं। यहां कि मुख्य राष्ट्रभाषा हिन्दी हैं। भारत ने अभी तक किसी भी भाषा को राष्ट्र भाषा की संज्ञा नहीं दी हैं, लेकिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है,जिसका उपयोग सरकारी भाषा के रूप में किया जाता हैं।

राष्ट्रीय जलीय जीव – डाॅल्फिन

गंगा नदी में मौजूद डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। यह डॉल्फिन की एक ऐसी दुर्लभ और विचित्र प्रजाति है जो कभी बड़ी संख्या में गंगा नदी में पाई जाती थी। भारत सरकार ने 5 अक्टूबर 2009 को इसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था।

राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व

राष्ट्रीय प्रतीक देश की समृद्ध सांस्कृतिक सूत्र को एक मोती में पिरोने का कार्य करते हैं। हमारे नागरिकों के हृदय में गर्व की भावना को पैदा करता है। राष्ट्रीय प्रतीक चयनित वस्तुओं को लोकप्रिय बनाते है और आने वाली समय के लिए चुने गए राष्ट्रीय प्रतीक को संरक्षित करने के लिए मदद करते हैं।

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