यदि आप आलसी है तो यह कहानी आपको जरूर पढ़नी चाहिए Life changing motivation story- hindi king story

hindi king story

Introduction-hindi king story

Story of Lazy king पुराने समय की बात है एक सुंदर राज्य में राजा हरीश राज्य करते थे उनके राज्य में खुशहाली और शांति का वातावरण था I चिड़ियों की सुरीली आवाज सुंदर-सुंदर पेड़ खूबसूरत झरने नदी तालाब I और खेतों की सुगंध किसी के भी मन को भा लेती थी I लेकिन वहां का राजा बड़ा आलसी था जिसके कारण सारी प्रजा परेशान थी I

राजा इतना आलसी था कि वह हमेशा सोचता बेकार का मेहनत क्यों करना I वह अपने पिता के जगह पर राजा बना था I उसके पिता के संपत्ति उसके पास थी इसलिए राजा हरीश कोई काम नहीं करता I

राजा को कई लोगों ने समझाया लेकिन राजा के ऊपर कोई असर नहीं होता I राजा सिर्फ खाता चैन से रहता और इधर-उधर घूमता फिरता और आलसीयो के समान पड़ा रहता I

राजा अपने सुंदर से राज्य में सुखी और शांति से रहता था I एक दिन राजा के मन में एक विचार आया I उसने अपने सभी सैनिकों से और मंत्री से कहा कि I जब कभी तुम मुझे किसी की तारीफ करते सुनो तो तुम तुरंत उस व्यक्ति को सोने के हजार सिक्के इनाम में दे देना I

राजा इन बातों को बोल कर के बाहर टहल रहा था I तभी राजा की नजर एक बहुत बूढ़े इंसान को बीज बोते हुए I राजा देखने लगा और राजा हरीश बहुत ध्यान से उस बूढ़े इंसान को देख रहा था और वह देखकर सोच रहा था I

यह बूढ़ा इंसान अभी जो बीज बो रहा है I इसके फल 10- 15 साल के बाद आएंगे तब तक तो यह बूढ़ा इंसान मर भी जाएगा I और यह इसके फल भी नहीं खा सकता फिर यह व्यर्थ परिश्रम और इतना मेहनत क्यों कर रहा है I राजा इन्हें बातों के सोच में परेशान था I

राजा ने अपने सैनिकों से कहा उस बूढ़े इंसान को दरबार में लाओ सैनिक गए I और उस बूढ़े इंसान से कहा राजा आपको दरबार में बुला रहे हैं बूढ़े इंसान ने कहा ठीक है I

वह बूढ़ा इंसान सैनिकों के साथ राजा के दरबार में गया I और राजा अपने सिंहासन पर बैठा हुआ था I राजा ने उस बूढ़े इंसान से पूछा आप कितने साल के हैं I

बूढ़े इंसान ने उत्तर दिया 81 वर्ष का, राजा ने फिर उससे पूछा आप जो बीज बो रहे थे I उसके फल आपके अनुसार कब तक आएंगे बूढ़े इंसान ने उत्तर दिया 10 से 15 साल में फल आने लगेंगे I

राजा ने फिर पूछा तब तक तो आपके मृत्यु हो जाएगी I फिर आप इस उम्र में इतना परिश्रम व्यर्थ में क्यों कर रहे हैं I जब आप उसके फल ही नहीं खाएंगे तो…. I

उस बूढ़े व्यक्ति ने जवाब दिया मृत्यु का तो कोई भरोसा नहीं I और जहां तक बात रही बीज बोने का तो मेरे दादाजी ने जिन बीजों को बोया था I उन्हीं के फल मैंने बचपन में बहुत खाएं और उसी के द्वारा मेरे पेट भी भरते थे I

और आज जो मैं बीज बो रहा हूं I वह इसलिए ताकि मेरे नाती पोते और उनके बच्चे यह रसीले फल का आनंद ले सके I और वह भी खुशी-खुशी जी सकें I

राजा ने जब यह बात सुनी उसने तुरंत उस बूढ़े व्यक्ति का तारीफ किया और सैनिकों ने तुरंत हजार सोने के सिक्के I उस बूढ़े व्यक्ति को इनाम के रूप में दे दिए I बूढ़े व्यक्ति ने जवाब दिया मैंने जो बीज बोया उसके फल तो मेरे नाती पोते खाएंगे I लेकिन उसका सच्चा फल मुझे आज ही मिल गया और वह बूढ़ा व्यक्ति खुशी-खुशी चला गया I

उधर राजा भी समझ गया था परिश्रमी और मेहनत जिंदगी में होना कितना आवश्यक है I और वह बूढ़े व्यक्ति के इस शिक्षा के द्वारा अपने अलसी पन से भी राजा से छुटकारा पाया I

कहानी के द्वारा सीख

जो कुछ भी आज हम कर रहे हैं वही हम आने वाले समय में देखेंगे जैसा कहा भी जाता है I जैसा बोओगे वही काटोगे इसीलिए यदि हम आलसी के समान अपने समय को बर्बाद कर रहे हैं I तो आने वाले समय में हम गरीब कंगाल और भी तरह-तरह के समस्या में पाए जाएंगे लेकिन यदि हम आज से मेहनत करेंगे तो हम उसका फल भी आने वाले समय में जरूर पाएंगे I

आगे भी हम लोग आप लोग के लिए ऐसे हैं शिक्षा और प्रोत्साहन की बातें लाते रहेंगे I तब तक आप लोग हमारे साथ बने रहें और अपने अनुभव को जरूर बताएं फिर मिलते हैं I तब तक खुशियां बांटते रहें और मुस्कुराते रहें I

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