सोने का फल एक ऐसी कहानी जो आपके जीवन को हिला कर रख देगी- sone ka phal story in hindi

sone ka phal story in hindi

Introduction-sone ka phal story in hindi

एक बार की बात है कई सारे बच्चे कीचड़ में कुछ पाने की कोशिश की कोशिश में लगे हुए थे. बच्चे पूरी गंभीरता से उसे पाने की कोशिश कर रहे थे के कीचड़ से वो पूरी तरह लथपथ थे लेकिन फिर भी वह सारे बच्चे कीचड़ में ही किसी चीज को पाने की कोशिश में लगे हुए थे,

तभी वहीं से गुजरते हुए एक आदमी अपने बच्चे के साथ इस नजारे को बहुत देर से देख रहा था. जब उस आदमी से और रुका नहीं गया तब वह आगे जाकर उन बच्चों से पूछता है तुम इतने दोपहर कीचड़ में क्या ढूंढ रहे हो.

तभी सामने से एक बच्चे ने आवाज दी “अंकल अंकल” देखिए कीचड़ में एक सोने का फल है. जब उस आदमी ने देखा तो उसे भी एक सोने का फल कीचड़ में दिखाई पड़ा वह आदमी मन ही मन सोचने लगा आकाश यह फल हमारे पास होता तो कितना अच्छा होता.

और उस आदमी ने अपने बिना कुछ सोचे समझे अपने बच्चे को कीचड़ में धक्का देते हुए कहा जाओ तुम उस फल को लेकर आओ लेकिन उस बच्चे ने कहा पापा मेरी खुशी इस फल में नहीं है. मेरी खुशी दूसरी बातों में है और मेरे कुछ दूसरे सपने भी है, लेकिन उसके पिता ने उसे डांटते हुए कहा मैंने तुमसे नहीं पूछा बाकी बच्चे को देखो वह भी ला रहे हैं ना तुम भी जाओ तुमको भी वह फल लाना है, बच्चे ने बहुत जिद किया लेकिन उसके पिता ने उसे कीचड़ में धक्का दे दिया और कहां फल को लेकर ही आना जाओ जाओ जल्दी जाओ .

लेकिन बहुत कोशिश करने पर भी वह बच्चा उस पल को नहीं ला पाया जैसे जैसे वह आगे बढ़ा फल को पाने की कोशिश में वह अंदर धसने लगा बच्चे ने अपने पिता को चिल्लाकर आवाज दी. लेकिन उसके पिता ने कहा बहाने मत बनाओ जाओ फल को लेकर ही आओ लेकिन वह बच्चा अंदर धसता चला गया. क्योंकि वह कीचड़ नहीं दलदल था इससे पहले की उसके पिता को कुछ समझ आए उसके बच्चे की मौत हो चुकी थी ,

उसका पिता वही सामने बैठकर जोर-जोर से चिल्ला चिल्ला कर रोने लगा तभी वहीं से एक साधु गुजरते हैं. उसने उस आदमी से पूछा तुम क्यों रो रहे हो उस आदमी ने साधु से कहा,

मैंने अपने बच्चे को वह सोने का फल लाने के लिए कहा था लेकिन वह दलदल में डूब गया मैं तो उसका भला ही चाहता था कि वह सोने का फल उसके पास हो,

साधु ने उस सोने के फल को ध्यान से देखा और उस आदमी से कहा आकाश तुम उस पल को थोड़ा ध्यान से देखे होते. वह सिर्फ पल की परछाई है. असली सोने का फल पेड़ के ऊपर है और उसी की परछाई कीचड़ में दिखाई दे रही है ,

इस कहानी से तीन बातों को सीख सकते हैं जो हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है

(1) जो दिखता है वह हमेशा सही नहीं होता दोस्तों हमारे जीवन में भी कई बार ऐसा ही होता है जो दिखता है. वह हमेशा सही नहीं होता कई बार हमें अच्छे से जांच पड़ताल करने की जरूरत होती है,

(2) बिना सोचे समझे लोगों की बातों में आकर कुछ ना करें जैसे इस कहानी में उसके पिता ने एक बच्चे के कहने पर अपने बच्चे को कीचड़ में धकेल दिया,

(3) हर इंसान को अलग-अलग चीजों में खुशी मिलती है और उसके दूसरे को सपने होते हैं उस बच्चे के जैसे. लेकिन जब हम उन बातों को छोड़ कर के किसी के दबाव में आकर या किसी दूसरे को कॉपी करते हैं तो हम भी दलदल में फस जाते हैं ,

कई सारे लोग ऐसे हैं जो बिना सोचे समझे दूसरों की बातों में आकर बड़े फैसले ले लेते हैं उसके बाद उन्हें पूरी जिंदगी पछताना पड़ता है

यह कहानी आपको कैसी लगी आप हमें जरूर बताएं

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